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रासायनिक उर्वरकों के नुकसान

Hindi Essays
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  प्रस्तावना : 

  रासायनिक खते, इनका अविष्कार लोगों ने अपने फसलों की मात्रा को बढ़ाने के लिए किया हैं | इनका इस्तेमाल करके    किसान अधिक फसल पा सकता हैं, खत में पाया गया तन को रासायनिक औषधे से मर दिया जा सकता है |  कुछ सालो तक लोगो ने और कंपनियों ने अधिक मात्रा में पैसों की कमाई की लेकिन कुछ साल बीत जाने के बाद जमीन की उपजाऊता पर रासायनिक खादों का बहुत बुरा असर पड़ने लगा | 

विस्तार:

खेतो ने अपनी फसल उगाने की क्षमता को खो दिया हैं और अधिक से अधिक जमीने दूषित होने लगी हैं | ऐसे जमीन के खाने को खाने के कारण अनेक लोगों को काफी प्रकार की बीमारियों का सामना करना पड़ा रहा है और अभी भी करना पड़ रहा है | 

खाना जो मनुष्य के जीवन का सबसे एहम हिस्सा है | वह खेती से ही निर्मित होता है | एक समय था जब इंसान पेड़ के पत्ते, कंद , मूळ आदि सारी चीजे खाकर अपना जीवन जीता था | बाद मे मनुष्य ने कृषि के क्षेत्र में अनेक प्रयोग किए | आज हमारे इस समय उन्होंने पिज़्जा, बर्गर,समोसा, पेटिस, बिर्यानी जैसे पदार्थो का निर्माण किया है जो लोग काफी चाव से खाते है |

उर्वरकों के प्रकार :

उर्वरकों के छह विभिन्न प्रकार हैं जिनका उल्लेख नीचे दिया गया है:

अकार्बनिक उर्वरक

अकार्बनिक उर्वरक रासायनिक उर्वरक हैं जिनमें रासायनिक साधनों द्वारा बनाई गई फसलों की वृद्धि के लिए पोषक तत्व होते हैं। अकार्बनिक उर्वरक निम्नलिखित प्रकार के होते हैं:

नाइट्रोजन उर्वरक

नाइट्रोजन उर्वरकों में फसलों के विकास के लिए आवश्यक नाइट्रोजन होता है। नाइट्रोजन क्लोरोफिल का मुख्य घटक है जो प्रकाश संश्लेषण की प्रक्रिया में संतुलन बनाए रखता है।

फास्फोरस उर्वरक

फास्फोरस उर्वरक में मुख्य पोषक तत्व फास्फोरस होता है।

जैविक उर्वरक

जैविक उर्वरक पौधों और जानवरों से प्राप्त प्राकृतिक उर्वरक हैं। यह पौधे के विकास के लिए आवश्यक कार्बोनिक यौगिकों के साथ मिट्टी को समृद्ध करता है।

जैविक उर्वरक निम्नलिखित उत्पादों से प्राप्त किए जा सकते हैं:

  • कृषि में हुई क्षति
  • पशुधन खाद
  • औद्योगिक कूड़ा
  • नगर निगम कीचड़

उर्वरकों के लाभ:

  • यह परिवहन, स्टोर और लागू करना आसान है।
  • यह पानी में घुलनशील हैं और मिट्टी में आसानी से घुल सकते हैं। वे पौधों द्वारा आसानी से अवशोषित हो जाते हैं।
  • फसलों पर उनका तेजी से असर होता है।
  • यह फसल की उपज बढ़ाते हैं और बड़ी आबादी को खिलाने के लिए पर्याप्त भोजन प्रदान करते हैं।
यह नुमानित और विश्वसनीय हैं।

उर्वरकों का नुकसान:

  • वह बहुत ही महंगे हैं।
  • उर्वरकों में मौजूद तत्व त्वचा और श्वसन तंत्र के लिए विषैले होते हैं।जो बहुत बीमारियों का कारन है | 
  • उर्वरकों के अत्यधिक उपयोग से पौधों को नुकसान होता है और मिट्टी की उर्वरता कम हो जाती है।
  • लीचिंग होती है और उर्वरक यूट्रोफिकेशन के कारण नदियों तक पहुंचते हैं।
  • लंबे समय तक उपयोग माइक्रोबियल गतिविधि को कम करता है और मिट्टी के पीएच को परेशान करता है।
  • यह पानी में घुलकर ग्राउंडवाटर को प्रदूषित करते है | 

जैविक उर्वरक जो हमारी जमीन को बहुत ही लाभ दायक है लकिन इनका असर होने में काफी समय लगता है | 
लकिन ऐसा रासायनिक उर्वरकों के साथ नहीं होता रासायनिक उर्वरक जल्दी असर करके ज्यादा मात्रा में उत्पादन को बढ़ाने के काम करता है इसलिए इसकी मात्रा लोगो ने बढ़ई थी | 

जब इसके नुकसान लोगो के सामने आने लगे तो इसका काफी हद तक प्रयोग होना बंद हो गया |    

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